शरीर में रक्त का दबाव कम होने से हृदय, मस्तिष्क और शरीर के अन्य आवश्यक भागों में पर्याप्त मात्रा में ब्लड नही पहुंचने से उनके कार्यो में बाधा होती है और रक्तचाप सामान्य से बहुत कम हो जाता है। इसे ही लो बीपी कहा जाता है। जिसे हम Low Blood Pressure ka gharelu upay के इस आर्टिकल से समझेंगे।
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| Low bp ka gharelu upchar |
नमस्कार दोस्तों! इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको लो ब्लड प्रेशर से जुड़ी सभी जानकारियां इसके लक्षण, कारण, उपचार , नुकसान इत्यादि अन्य महत्वपूर्ण विषयों से अवगत कराएंगे। आपने कई बार इस समस्या का सामना किया होगा, लेकिन आपके पास शायद इसकी पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं होगी। इस आर्टिकल के द्वारा हम आपको जिन तथ्यों की जानकारी उपलब्ध कराएंगे, वह निम्नलिखित हैं :-
- Low BP क्या होता है? (What is low BP?)
- Low BP के लक्षण क्या हैं? (What is symptoms of low BP?)
- Low BP का कारण क्या है? (What are the causes of low BP?)
- ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने का मंत्र (Mantra to control blood pressure in Hindi)
- Low BP को नार्मल रखने का घरेलू उपाय क्या हैं? (What are the home remedies for control low BP?)
- Low BP की दवा खाने का सही समय क्या है? (What is the right time to take medicine in low BP?)
- Low BP के नुकसान क्या हैं? (What are the the disadvantage of low BP?)
- Low BP इमरजेंसी ट्रीटमेंट एट होम क्या है?(What are the emergency treatment of low BP at home?)
- उम्र के हिसाब से Blood Pressure कितना होना चाहिए? (What should be the blood pressure according to age?)
1. Low BP क्या होता है? (What is low BP?)
लो ब्लड प्रेशर या निम्न रक्तचाप को हाइपोटेंशन भी कहते है। शरीर में रक्त का दबाव कम होने से जब हृदय, मस्तिष्क और शरीर के अन्य आवश्यक भागों में पर्याप्त मात्रा में ब्लड नही पहुंचता , तो इससे उनके कार्यो में बाधा होती है और रक्तचाप सामान्य से बहुत कम हो जाता है, उसे ही हाइपोटेंशन कहते हैं। ऐसे स्थिति में दिल, किडनी, फेफड़े और दिमाग आंशिक रूप से काम करना भी बंद कर सकते हैं।आजकल की जीवन शैली में परिवर्तन होने के कारण लो ब्लड प्रेशर की समस्या काफी लोगों में देखी जाती है।
2. Low BP के लक्षण क्या हैं? (What are the symptoms of low BP in Hindi?)
वैसे तो ब्लड प्रेशर कम होने का कोई विशेष लक्षण नहीं है, लेकिन चक्कर आना और बेहोशी जैसी आम समस्या अक्सर देखने को मिलती हैं। लो ब्लड प्रेशर के प्रमुख लक्षण की बात करें तो इसके लक्षण निम्नलिखित है -
- लो ब्लड प्रेशर में कमजोरी महसूस होना एक आम लक्षण है।
- थकावट, तनाव , उल्टी, अत्यधिक प्यास लगना आदि लो ब्लड प्रेशर के लक्षणों में ही गिने जाते हैं।
- इसके अलावा शरीर का ठंडा पड़ जाना भी लो ब्लड प्रेशर के लक्षण हो सकते हैं।
- तेज बुखार, गर्दन का अकड़ जाना भी लो ब्लड प्रेशर के प्रमुख लक्षण हैं।
- लो ब्लड प्रेशर में मरीज को डायरिया और उल्टी भी होती है।
- धुंधला दिखाई देना या अल्प सामयिक अंधेपन जैसे लक्षण लो ब्लड प्रेशर में देखे जाते हैं।
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3. Low BP का कारण क्या हैं? (What are the causes of low BP?)
रक्तचाप निम्न होने के बहुत सारे कारण है। आजकल ब्लड प्रेशर कम होने का कारण गुस्सा और तनाव भी होता है। इसके अलावा निम्न रक्तचाप होने के निम्नलिखित कारण है :-
- शरीर में खून या पानी की कमी होने के कारण भी लो ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है।
- पार्किंसंस रोग, मधुमेह और दिल की बीमारी होने के कारण अक्सर लो ब्लड प्रेशर की समस्या होती है।
- दवाई का बुरा असर, सर्जरी या गंभीर चोट के कारण लो ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है।
- कई बार लो ब्लड प्रेशर जेनेटिक भी हो सकते हैं।
- प्रेगनेंसी, एंडोक्राइन प्रोब्लेम्स, डिहाइड्रेशन, दस्त, संक्रमण, एलर्जी, डाइट की समस्या से लो ब्लड प्रेशर होता है।
- कमजोरी व जरूरी पोषक तत्वों की कमी भी लो ब्लड प्रेशर का कारण बनती है।
- हृदय से संबंधित किसी प्रकार की समस्या लो ब्लड प्रेशर को जन्म देता है।
- एसिडिटी या पेट की किसी भी समस्या के कारण लो ब्लड प्रेशर का सामना करना पड़ सकता है।
- डायबिटीज, थायराइड, एडिसंस डिजीज आदि लो ब्लड प्रेशर के कारण हैं।
4. ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने का मंत्र (Mantra to control blood pressure in Hindi)
ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए आवश्यक है कि लोगों को अपने जीवन शैली में परिवर्तन किया जाए ताकि अगर वे बीपी की दवा नहीं खाते हैं तो उन्हें इसके दुष्प्रभावों से अवगत कराया जाए। साथ ही स्वस्थ व सक्रिय जीवनशैली और खान-पान की आदतों में सुधार लाकर भी ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखा जा सकता है। इसके अलावा मंत्र-मुद्रा और मेडिटेशन एक उपाय के जरिए मानसिक व आध्यमिक शांति प्रदान करके ब्लड प्रेशर को पूरी तरह से कंट्रोल कर सकते हैं। ब्लड प्रेशर के संतुलन के लिए रक्त की थिकनेस को नियंत्रित रखना आवश्यक है।
5. Low BP को नार्मल रखने का घरेलू उपाय? (Home remedies for Low BP?)
साधारण तौर पर लो ब्लड प्रेशर की समस्या से छुटकारा पाने के लिए सभी लोग सबसे पहले घरेलू नुस्खों को ही अपनाते हैं। यहां पर इस पोस्ट के जरिए हमने कुछ ऐसे घरेलू उपाय के बारे में बात की है जिनके सेवन से आप बेहद आसानी से लो ब्लड प्रेशर की समस्या को सामान्य अवस्था में ला सकते हैं। लो ब्लड प्रेशर के लिए घरेलू उपचार (Home remedies for Low Blood Pressure) निम्नलिखित हैं -
1. लो ब्लड प्रेशर में कैफीन (Caffine) का सेवन
- कैफ़ीन जैसे कि कॉफी चाय आदि चीजें रक्तचाप को बढ़ाने में मदद करती है।
- जब भी आपका ब्लड प्रेशर अचानक से गिर जाता है तो आप एक कप चाय या कॉफी का सेवन करके अपने ब्लड प्रेशर को नार्मल अवस्था में ला सकते हैं।
2. तुलसी (Tulsi) लो ब्लड प्रेशर में फायदेमंद
- निम्न रक्तचाप को सामान्य अवस्था में लाने के लिए तुलसी के पत्ते बेहद असरदार होते हैं।
- प्रतिदिन सुबह 5 से 6 तुलसी के पत्तों का सेवन करने से किसी व्यक्ति का ब्लड प्रेशर सामान्य अवस्था में आ जाता है।
- तुलसी के पत्तों में मैग्नीशियम विटामिन सी तथा पोटेशियम जैसी चीजें उपलब्ध होती है जो रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद प्रदान करती है।
- तुलसी के पत्तों में यूजिनॉल नामक एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करता है।
- यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी कम करने का कार्य करता है।
3. किसमिस (Raisin) लो ब्लड प्रेशर को कम करने में मददगार
- 10 ग्राम किशमिश तथा 50 ग्राम देसी चने को रात में कम से कम एक सौ ग्राम पानी में किसी कांच के बर्तन में डूबा कर रख दें।
- प्रतिदिन सुबह चने को किसमिस के साथ मिलाकर अच्छी तरह से चबा चबा कर इसका सेवन करें एवं उस पानी को पी लें।
- इस उपयोग में आप चने को छोड़कर केवल किसमिस का भी प्रयोग कर सकते हैं।
4. लो ब्लड प्रेशर में गाजर (Carrot) का सेवन
- पालक तथा गाजर का रस निम्न रक्तचाप में बहुत मददगार होता है।
- इसके लिए आपको लगभग दो सौ ग्राम गाजर के रस में एक चौथाई पालक के रस को मिलाकर इसका सेवन करना चाहिए।
5. लो ब्लड प्रेशर में छाछ (Buttermilk) के फायदे
- छाछ में भुना हुआ जीरा हींग तथा स्वाद अनुसार नमक मिलाकर इसका सेवन करने से ब्लड प्रेशर नियंत्रण में बना रहता है।
- इसके साथ ही साथ ब्लड प्रेशर को नार्मल अवस्था में बने रहने में सहायता मिलती है।
6. लो ब्लड प्रेशर में दालचीनी (Cinnamon) के फायदे
- प्रतिदिन गर्म पानी के साथ दालचीनी के पाउडर को मिलाकर इसका सेवन करें।
- इससे ब्लड प्रेशर की समस्या में लाभ मिलता है।
- इसका सेवन रोजाना सुबह तथा शाम को करना चाहिए।
7. आंवला (Amla) का लो ब्लड प्रेशर में सेवन
- यदि आपको लो ब्लड प्रेशर के कारण चक्कर आने जैसी समस्या हो तो आंवले के रस में शहद की कुछ बूंदों को मिलाकर इसका सेवन करें।
- ऐसा करने से बहुत जल्दी इस समस्या से छुटकारा मिल जाता है।
- इसके अलावा आप आंवले का मुरब्बा भी खा सकते हैं क्योंकि यह ब्लड प्रेशर के रोगियों के लिए फायदेमंद होता है।
8. निम्न रक्तचाप में अदरक के मिश्रण (Ginger Mixture) का सेवन
- अदरक के छोटे-छोटे टुकड़े में नींबू के रस तथा सेंधा नमक को अच्छी तरह से मिला ले एवं उसे रख दें।
- प्रतिदिन भोजन से पहले या फिर भोजन के बाद इस मिश्रण का सेवन करें।
- रोजाना दिन में तीन से चार बार भी आप इस मिश्रण का सेवन कर सकते हैं।
- ऐसा करने से लो ब्लड प्रेशर की समस्या मैं जल्द ही आराम मिल जाता है।
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6. Low BP की दवा खाने का सही समय क्या है? (What is the right time to take medicine in low BP?)
लो ब्लड प्रेशर की दवा को खाने के साथ या भूखे पेट भी ले सकते हैं, लेकिन इस दवा को नियमित रूप से हर रोज तय समय पर लेना आवश्यक है। यदि किसी कारणवश कोई खुराक लेना भूल जाते हैं, तो इसे छोड़ दें और अपना सामान्य शिड्यूल बनाए रखें तथा खुराक की ओवरडोज ना लें।
A. Low Blood Pressure की एलोपैथिक दवा क्या है? (Low blood pressure allopathic medicine name)
जैसा कि हमने बताया Low Blood Pressure के लिए कुछ एलोपैथिक दवाओं को भी महत्व दिया गया है। Pneumonia के लिए आयुर्वेदिक दवाई (allopathic medicine for Low Blood Pressure) निम्नलिखित हैं -
- BP- Tel
- BP- Nol 50 MG
- Angiotensin ll
- Cilnidipine
- Mephentermine
- Midodrine
B. Low Blood Pressure की आयुर्वेदिक दवा क्या है? (Low blood pressure homoeopathic medicine name)
Low blood pressure के आयुर्वेदिक दवा को निम्नलिखित रुप से देखा जा सकता है-
- अश्वगंधा, शतावर, सफेद मुसली, कोच के बीज और बला के बीज का सेवन करें।
- अष्टवर्ग का पावउडर या फिर इम्योनिटी वटी का सेवन करें।
- दूध में शिलाजीत, केसर और च्यवनप्राश डालकर उपयोग करें।
- अश्वशीला के 2 कैप्सूल का सेवन करने से लो बीपी सामान्य हो जाएगा।
7. Low BP के नुकसान क्या हैं? (What are the the disadvantage of low BP?)
ब्लड प्रेशर लो होने से अक्सर आम सी समस्याएं देखने को मिलती है लेकिन कभी- कभी भयंकर परिणाम भी दिखाई पड़ते हैं। निम्न रक्तचाप से होने वाले नुकसान निम्नलिखित हैं -
- ब्लड प्रेशर लो होने से शरीर के अंगों में सही तरह से खून की सप्लाई नहीं होती है, जिससे स्ट्रोक, हार्ट अटैक और किडनी फेलियर तक होने की संभावना है। आम ज़िन्दगी में बीपी ज्यादा कम होने पर रोगी बेहोश हो सकता है, इससे इंसान के सिर में गंभीर चोट आ सकती है।
- ब्लड प्रेशर लो होने से ब्रेन हैमरेज होने के खतरा भी होता है।
- लो ब्लड प्रेशर से विशेष कर वृद्ध लोगों में भ्रम होता है।
- इससे ठंडा ज़्यादा लगना, निरंतर बार बार शर्दी होना आदि परेशानियां हो सकती है।
- इससे चिपचिपापन, पीला त्वचा, तीव्र श्वास आदि नुकसान शामिल है।
- लो ब्लड प्रेशर से कमजोर और तेज नाड़ी-स्पंदन/पल्स की संभावना अधिक होती है।
- किडनी और हार्ट प्रॉब्लम्स जैसी गंभीर समस्या भी इससे उत्पन्न हो जाती है।
- अत्यधिक हाइपोटेंशन की स्थिति में आर्गनस डैमेज होने का खतरा अधिक होता है।
- इसके अलावा नर्वस सिस्टम खराब व ब्रेन डैमेज होने की संभावना अधिक होती है।
- प्रेग्नेंसी में स्टिल बर्थ (कोख में बच्चे की मृत्यु) जैसी समस्या भी हो सकती है।
8. Low BP इमरजेंसी ट्रीटमेंट एट होम क्या है?( What are the emergency treatment of low BP at home?)
अगर कभी अचानक से ब्लड प्रेशर लो हो जाए तो, ऐसे में घबराए नहीं बल्कि घर पर ही सामान्य तरीके और उपचारों द्वारा तुरंत ही उसे नियंत्रित कर आराम पाएं। Low BP इमरजेंसी ट्रीटमेंट एट होम निम्नलिखित हैं -
- जब कभी अचानक से ब्लड प्रेशर निम्न हो जाए, तो ऐसे में नींबू पानी का सेवन करें।
- इसके अलावा इलेक्ट्रॉल पाउडर या चीनी और नमक पानी के घोल का सेवन करें। ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में यह बहुत लाभकारी होता है।
- इसके अतिरिक्त ब्लड प्रेशर कम होने पर मीठा या नमकीन चीजों का सेवन करना भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। इससे ब्लड प्रेशर जल्द ही सामान्य स्तर पर आ जाता है।
9. उम्र के हिसाब से Blood Pressure कितना होना चाहिए? (What should be the blood pressure according to age?)
सामान्यता: हमारे शरीर का ब्लड प्रेशर 120/80 mmHg उचित माना जाता है। इससे कम होने पर लो ब्लड प्रेशर और इससे अधिक होने पर हाई ब्लड प्रेशर जैसी स्थिति होती है। तो आइए जानते हैं उम्र के हिसाब से कितना रक्तचाप होना चाहिए -
- 15 से लेकर 18 साल तक पुरुषों में 117 -77 mmhg और महिलाओं में 120 -79 mmhg
- 21 से लेकर 25 साल तक पुरुषोंषो में 121 -79 mmhg और महिलाओं में 116 -71 mmhg
- 26 से लेकर 30 साल तक पुरुषों में 120 -77 mmhg और महिलाओं में 114 -72 mmhg
- 31 साल से लेकर 35 तक पुरुषो में 115-77 mmhg और महिलाओं में 110 -73 mmhg
- 36 साल से लेकर 40 तक पुरुषो में 120-76 mmhg और महिलाओं में 113-75 mmhg
- 41 साल से लेकर 45 तक पुरुषो में 116-80mmhg
- महिला में 127-74 mmhg
- 46 साल से लेकर 50 तक पुरुषों में 120-81 mmhg और महिलाओं में 124-79 mmhg
- 51 साल से लेकर 55 तक पुरुषों में 126-80 mmhg और महिलाओं में 123 -75 mmhg
- 56 साल से लेकर 60 साल तक पुरुषों में 130 -80 mmhg और महिलाओं में 133 -79 mmhg
- 60 से अधिक के लोगो का पुरुषों में 144 -77mmhg और महिलाओं में 130 -77 mmhg
अस्वीकरण (Conclusion):
यहां low blood pressure ke gharelu upay hindi main से संबंधित सभी जानकारियां यहां शैक्षणिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए दी गई है। low blood pressure संबंधित अधिक जानकारी के लिए चिकित्सक की सलाह अवश्य लें क्योंकि हम इस जानकारी के लिए किसी भी प्रकार के जिम्मेदारी का दावा नहीं करते हैं।
दोस्तों! हम आशा करते हैं कि हमारी पोस्ट low blood pressure ke gharelu nuskhe in Hindi के अंतर्गत दी जाने वाली संपूर्ण जानकारी आपके लिए बेहद लाभकारी साबित होगी। low blood pressure के पोस्ट को पूरा पढ़ने के बाद यह आपको कैसी लगी और कितनी उपयोगी साबित हुई हमें कमेंट करके जरूर बताएं।
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