कोरोनावायरस का कप्पा वेरिएंट (Kappa Variant) डेल्टा प्लस वेरिएंट की तरह ही डबल म्यूटेंट है। यह कोरोनावायरस का ही नया वैरिएंट है। जिसका नाम B.1.617.1 है। कोरोना वायरस के अन्य नए वैरिएंट में कप्पा वेरिएंट (Kappa Variant) का नाम भी काफी तेजी से फैल रहा है। इसके नए मामलों की बात करें तो भारत के विभिन्न राज्यों एवं शहरों में कप्पा वेरिएंट (Kappa Variant) के मामले लगातार दर्ज हो रहे हैं। यदि आप कप्पा वेरिएंट (Kappa Variant) के विषय में संपूर्ण जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारे इस पोस्ट अंत तक जरूर पढ़ें।
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| Covid-19: Kappa Variant |
इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको कप्पा वेरिएंट (Kappa Variant) के विषय में सभी जानकारियां उपलब्ध करवाने वाले हैं। यहां हमने जिन विषयों को बताया है उसकी सूची निम्नलिखित है-
1. कप्पा वेरिएंट क्या है? (What is Kappa variant in Hindi?)
2. कप्पा वेरिएंट के प्रमुख लक्षण क्या है? (What are the major symptoms of Kappa variant?)
3. कप्पा वेरिएंट कितना खतरनाक है? (How dangerous is the Kappa variant?)
4. भारत में कप्पा वेरिएंट (Kappa Variant) का मामला किन स्थानों में देखा जा चुका है? (Where has the case of the Kappa variant been observed?)
5. कप्पा वेरिएंट से कैसे बचाव करें? (How to protect against Kappa variants?)
1. कप्पा वेरिएंट क्या है? (What is Kappa variant in Hindi?)
कोरोनावायरस से उभरने वाले म्यूटेशन काफी खतरनाक साबित हो रहे हैं और यह काफी चिंताजनक है। कोरोना की दूसरी लहर खत्म होने से पहले ही दो नए वेरिएंट ने सबकी चिंता बढ़ा दी।
कप्पा वेरिएंट कोरोनावायरस का ही एक म्यूटेशन के B.1.617 का कांस्टेलेशन है जो पहली बार भारत में ही पाया गया था। 2020 के अक्टूबर महीने में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस म्यूटेशन का नाम कप्पा वेरिएंट (Kappa Variant) रखा था।
कप्पा वेरिएंट के भी कई अलग-अलग तरह के म्यूटेशन पाए जा रहे हैं जिनमें से केवल दो की पहचान की जा सकी है। उन दोनों कप्पा वेरिएंट म्यूटेशन के नाम E484Q और L452R है। इन्हीं म्यूटेशन की वजह से कप्पा वेरिएंट को डबल म्यूटेंट भी कहा जा रहा है।
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2. कप्पा वेरिएंट के प्रमुख लक्षण क्या है? (What are the major symptoms of Kappa variant?)
ऐसा बताया जा रहा है कि कप्पा वेरिएंट डेल्टा या डेल्टा प्लस वेरिएंट की तरह खतरनाक है और इसमें भी उनसे मिलते-जुलते लक्षण पाए गए हैं। कप्पा वेरिएंट के लक्षण निम्नलिखित है-
- कप्पा वेरिएंट से संक्रमित लोगों में खासी होना सबसे प्रमुख लक्षण है।
- गले में दर्द या गले में खराश की दिक्कत को भी कप्पा वेरिएंट के लक्ष्मण माने गए हैं।
- कप्पा वेरिएंट से संक्रमित लोगों ने तेज बुखार पाया जा रहा है।
- गले से जुड़ी समस्या जैसे कि गले में जलन या दर्द का होना भी कप्पा वेरिएंट के लक्षणों में से एक है।
- कप्पा वेरिएंट से संक्रमित लोगों में सिर दर्द का होना भी एक लक्षण है।
- इस कप्पा वेरिएंट से संक्रमित लोगों में स्वाद ना आने जैसा लक्षण पाया गया है।
- कप्पा वेरिएंट से संक्रमित लोगों में दस्त की समस्या भी पाई गई है।
3. कप्पा वेरिएंट कितना खतरनाक है? (How dangerous is the Kappa variant?)
Kappa Variant अन्य वेरिएंट जैसे कि डेल्टा वेरिएंट या डेल्टा प्लस वेरिएंट की तरह 60 फ़ीसदी ज्यादा संक्रमण फैला सकता है। राज्य के स्वास्थ्य और चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा के द्वारा ऐसा बताया जा रहा है कि यह वेरिएंट डेल्टा वेरिएंट के मुकाबले थोड़ा कम जानलेवा या खतरनाक है। इसको फैलते देख विश्व स्वास्थ संगठन यानी डब्ल्यूएचओ ने कप्पा वेरिएंट को वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट कहा है।
4. भारत में कप्पा वेरिएंट (Kappa Variant) का मामला किन स्थानों में देखा जा चुका है? (Where has the case of the Kappa variant been observed?)
कप्पा वेरिएंट सबसे पहले भारत में 2020 के अक्टूबर महीने में रिपोर्ट किया गया था। भारत में इस कप्पा वेरिएंट से संक्रमित लोगों के दो मामले अब तक आ चुके हैं। उत्तर प्रदेश राज्य की किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज लखनऊ में जिनोम सीक्वेंसिंग में लिए गए 109 लोगों के सैंपल से इसका पता चला था। कप्पा वेरिएंट से अब तक कई लोग संक्रमित हो चुके हैं। कप्पा वेरिएंट के पॉजिटिव रोगियों में से यूपी के 67 वर्षीय संत कबीर नगर के रहने वाले एक व्यक्ति का देहांत हो गया। उनकी मृत्यु की वजह से कप्पा वेरिएंट का डर कई लोगों के मन में पैदा हो गया।
एक विश्वव्यापी कोरोनावायरस जीनोम डेटाबेस रखने वाले म्यूनिख के अनुसार अब तक भारत से 3693 सैंपल कप्पा वेरिएंट के लिए गए हैं। उस डेटाबेस के मुताबिक भारत में कप्पा वेरिएंट के मामले की संख्या सबसे ज्यादा है। बीते 4 हफ्तों में भारत से कप्पा वेरिएंट के 2 सैंपल लिए गए। वहीं राजस्थान में कोरोना वायरस के इस म्यूटेशन कप्पा वेरिएंट के 11 मरीज पाए गए हैं जिसके कारण चिंता और भी बढ़ गई है। फैलने का सबसे बड़ा कारण साबित हो रहा है।
5. कप्पा वेरिएंट से कैसे बचाव करें? (How to protect against Kappa variants?)
जैसा कि हम सब जानते हैं यह कप्पा वेरिएंट कोरोना वायरस का ही एक म्यूटेशन रूप है इसलिए कोरोना वायरस से बचने के सारे उपाय इस वेरिएंट से भी बचने के लिए अपनाए जा सकते हैं। बात करें कप्पा वेरिएंट से बचने के विभिन्न उपायों की तो वह निम्नलिखित हैं-
- कप्पा वेरिएंट से बचने के लिए सबसे अच्छा, सही और सटीक उपाय है हर वक्त मास्क का प्रयोग करना। घर से बाहर निकलते वक्त मास्क का प्रयोग करना ही इस कप्पा वेरिएंट के खिलाफ इस्तेमाल होने वाला सबसे पहला और प्रमुख हथियार है।
- प्रतिदिन मास्क को धोते रहना चाहिए और कुछ समय बाद उस मास्क को बदलना भी चाहिए।
- कप्पा वेरिएंट से बचाव के लिए बिना वजह घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। यदि किसी वजह से हम घर से बाहर जाते हैं तो हमें सर्जिकल मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए। यदि हो सके तो डबल मास्क का भी इस्तेमाल करके इससे बचा जा सकता है।
- 2 गज की दूरी यानी कि 6 फीट की दूरी बनाना कप्पा वेरिएंट से बचाव के लिए अति आवश्यक है। जितना हो सके भीड़ वाली जगहों से दूर रहें।
- कोरोना वायरस की तरह ही इस म्यूटेशन कप्पा वेरिएंट से बचने के लिए हमेशा साफ सफाई जैसे वातावरण में ही रहना चाहिए।
- कप्पा वेरिएंट से बचाव के लिए हमारे इम्यून सिस्टम का मजबूत होना भी बहुत जरूरी है। इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए विटामिन सी युक्त भोजन लेते रहना चाहिए।
- इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए सरकार द्वारा दिए जा रहे वैक्सीन को भी जरूर लगवाना चाहिए। यह वैक्सीन हमारी शरीर की इम्युनिटी बढ़ाता है जिसकी वजह से कोरोना ऐसी म्यूटेशन से बचा जा सकता है।
- कोरोनावायरस संबंधित किसी भी लक्षण के दिखने पर खुद को लोगों से दूर कर आइसोलेट करना चाहिए।
- साबुन या सैनिटाइजर का प्रयोग कर समय-समय पर हाथों को धोते या साफ करते रहना चाहिए।
- हाल ही में हेल्थ एक्सपर्ट ने L452R नामक म्यूटेशन को बारीकी से जान रहे हैं और उनका मानना है कि यह वायरस हमारे नेचुरल इम्यूनिटी रिएक्शन से बचने में काफी मददगार साबित होगा।
दोस्तों! हम आशा करते हैं कि इस आर्टिकल के माध्यम से आपको Kappa Variant symptoms, Kappa variant in India, Kappa Variant से जुड़ी सभी जानकारी प्राप्त हो चुकी होगी। इस जानकारी को अधिक से अधिक शेयर करें और आपको यह जानकारी कैसी लगी हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट करके जरूर बताएं।
अस्वीकरण (Disclaimer) :
यहां Kappa Variant in Hindi से संबंधित सभी जानकारियां शैक्षणिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए दी गई है। Kappa variant से जुड़ी जानकारियों को किसी भी प्रकार से पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में न लें। किसी भी तरह की परेशानी होने पर अपने चिकित्सक से सलाह अवश्य लें और Kappa variant से संबंधित जांच एवं पुष्टि करवाएं।
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