Black fungus infection after recovering of covid-19 से संक्रमित व्यक्ति में होने वाली एक ऐसी बीमारी है, जिसे काली फफूंद के नाम से जाना जाता है। यह एक खतरनाक कवक संक्रमण है, जिसके तहत देखा जा रहा है कि दिल्ली, पुणे, अहमदाबाद, गुजरात आदि में इसके मामले लगातार देखे जा रहे हैं। नए कोविड -19 स्पाइक के दौरान इसके नए वेरिएंट और लक्षण सामने आ रहे हैं।
![]() |
| Black fungus infection after recovering of covid |
Black fungal infection के मामले को लेकर दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल के डॉक्टरों ने फंगस संक्रमण के कई मामलों की जानकारी से रूबरू करवाया है। इस दौरान आपके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि फंगस इंफेक्शन के लक्षण और संक्रमण से बचाव के लिए अपने आप को कैसे सुरक्षित रखा जाए। Black fungal disease के संपूर्ण वर्णन के अंतर्गत आप निम्नलिखित जानकारी उपलब्ध कर सकेंगे जिसकी सूची कुछ इस तरह से है -
1. Black fungus (Mucormycosis) क्या है? (What is black fungus infection?)
2. ब्लैक फंगस संक्रमण के लक्षण क्या हैं? (What are the symptoms of black fungus infection?)
3. ब्लैक फंगस (Mucormycosis) संक्रमण के कारण क्या हैं? (What are the reasons of black fungus infection?)
4. Black fungus infection किन परिस्थितियों में हो सकती है? (Under what circumstances can black fungus infection occur?)
5. ब्लैक फंगस संक्रमण इतना खतरनाक क्यों है? (Why is black fungus infection so dangerous?)
6. ब्लैक फंगस संक्रमण से बचने के लिए किन सावधानियों को बरतें? (What are the precautions to be taken to avoid black fungus infection?)
आइए जानते हैं कोविड-19 के दौरान संक्रमित मरीजों में देखी जा रही है इस ब्लैक फंगस से संबंधित पूरी जानकारी जो कुछ इस तरह से है –
1. Black fungus (Mucormycosis) क्या है? (What is black fungus infection?)
दोस्तों! यदि आप जानना चाहते हैं कि black fungus Kya hota hai तो बता दें Black fungus covid-19 से संक्रमित व्यक्ति में होने वाली एक ऐसी बीमारी है, जिसे काली फफूंद के रूप में जाना जाता है। यह एक दुर्लभ लेकिन खतरनाक कवक संक्रमण है, जो श्लेष्मा के रूप में जाना जाता है। यह पर्यावरण में प्राकृतिक रूप से मौजूद है। वैसे आमतौर पर देखा जाए तो यह स्टेरॉयड के साथ इलाज किए गए मधुमेह के रोगियों को प्रभावित करता है। आंकड़ों एवं अध्ययनों के अनुसार इससे होने वाला संक्रमण आधे लोगों को मार सकता है।
यदि हम बात करें फंगस के हमारे शरीर तक पहुंचने के संबंध में तो गौरतलब है कि फंगस स्पोर आमतौर पर साँस लेने को माध्यम बनाकर हमारे शरीर में प्रवेश करते हैं और black fungus lungs को प्रभावित करते हैं। वे खुले कटे भाग या घाव के माध्यम से भी प्रवेश कर सकते हैं और त्वचा को संक्रमित कर सकते हैं।
Black fungus latest news के अंतर्गत टाइम्स ऑफ इंडिया के द्वारा दिए गए एक रिपोर्ट के अनुसार, शहर में दवा की दैनिक मांग 1,000 शीशियों तक पहुंच गई है, जबकि आपूर्ति 200 से 500 शीशी तक सीमित है। कीमतों में गिरावट के डर से, डॉक्टरों ने केंद्र से खुदरा मूल्य को कैप करने का आग्रह किया है, जैसा कि रेमेड्सविर ने किया था। महाराष्ट्र में फंगस संक्रमण की बात करें तो इस कारण कम से कम आठ कोविड रोगियों की मृत्यु हो गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि इसमें लगभग 200 से अधिक का इलाज किया जा रहा था।
कोविड-19 से संक्रमित मरीजों में देखा गया है कि वे कोविड-19 के संक्रमण से तो बच गए हैं लेकिन ब्लैक फंगस से कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि फंगस संक्रमण ने उनकी कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली पर हमला किया, जो घातक साबित हुआ है।
2. ब्लैक फंगस संक्रमण के लक्षण क्या हैं? (What are the symptoms of black fungus infection?)
![]() |
What are the symptoms of black fungus infection? |
- आंखों में सूजन
- सांस की तकलीफ
- बुखार
- खांसी
- सीने में दर्द
- चेहरे में सुन्नता
- जबड़ों में दर्द
- एक तरफा नाक की रुकावट
- नाक से काले रंग का पानी निकलना
3. ब्लैक फंगस (Mucormycosis) संक्रमण के कारण क्या हैं? (What are the reasons of black fungus infection?)
नीती अयोग के सदस्य सदस्य वी के पॉल ने शुक्रवार को कहा कि श्लेष्मा कवक (Black fungus) म्यूकॉर नामक कवक के कारण होता है, जो गीली सतहों पर पाया जाता है। यह भी कहा जा रहा है कि जब COVID-19 मरीज को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा जाता है, जिसमें ह्यूमिडिफायर और पानी होता है, तो इस कारण फंगस इंफेक्शन बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है। अतः black fungus after covid के पश्चात होने वाले मामले अधिक सामने आ रहे हैं। Black fungus रोगी को आसानी से संक्रमित करता है और फैलता है। यदि यह कवक संक्रमित व्यक्ति के मस्तिष्क तक पहुंच जाता है, तो यह घातक साबित हो सकता है।
इसे भी पढ़ें : इम्यूनिटी बढ़ाने के 10 आसान और असरदार घरेलू उपाय
4. Black fungus infection किन परिस्थितियों में हो सकती है? (Under what circumstances can black fungus infection occur?)
Black fungus infection एक गंभीर फंगस संक्रमण है, जो निम्नलिखित स्थितियों में हो सकते हैं –
- ब्लैक फंगस संक्रमण मधुमेह से पीड़ित लोगों को होने की संभावना अधिक रहती है।
- Covid-19 से संक्रमण के पश्चात उबरे हुए रोगी को यह जल्दी संक्रमित करता है।
- व्यक्ति में अस्वास्थ्यकर भोजन की आदतें प्रतिरक्षा प्रणाली को गंभीर रूप से प्रभावित करती हैं, जिसके कारण व्यक्ति ऐसी बीमारियों की चपेट में आ जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कोविड-19 से संक्रमित रोगियों के इलाज के लिए स्टेरॉयड के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है, जो कि ब्लैक फंगस या म्यूकमोसायसिस का एक प्रमुख कारण है।
5. ब्लैक फंगस संक्रमण इतना खतरनाक क्यों है?
(Why is black fungus infection so dangerous?)
चिकित्सकों का कहना है कि इस तरह के संक्रमण के बारे में जागरूक होना महत्वपूर्ण है। ब्लैक फंगस संक्रमण एक ऐसा संक्रमण हैं जो एक COVID-19 रोगी बीमारी से ठीक होने के दौरान या बाद में होती है। ब्लैक फंगस संक्रमण के खतरनाक होने का कारण यह है कि यह मुख्य रूप से मस्तिष्क और साइनस को प्रभावित करता है।
इसे भी पढ़ें : कोरोनावायरस से लड़ने के लिए इम्यूनिटी बढ़ाने का ये घरेलू तरीका हो रहा खूब वायरल
6. ब्लैक फंगस संक्रमण से बचने के लिए किन सावधानियों को बरतें? (What are the precautions to be taken to avoid black fungus infection?)
Black fungus treatment के लिए एम्फोटेरिसिन बी नामक एक एंटी-फंगस इंजेक्शन का उपयोग किया जा रहा है। ब्लैक फंगस इन्फेक्शन के मरीज को आमतौर पर 21 दिनों के लिए एक विशेष प्रकार के इंजेक्शन की आवश्यकता होती है। इस इंजेक्शन की हैरान कर देने वाली बात यह है कि इस इंजेक्शन की मूल लागत लगभग 9,000 रुपये प्रतिदिन है। यदि आप घर पर ही ब्लैक फंगस संक्रमण से बचने के उपाय करना चाहते हैं तो आपको black fungus prevention से संबंधित निम्नलिखित बातों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है -
- Black fungus infection से संक्रमित होने पर अपने ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने की कोशिश करें और समय-समय पर इसकी जांच कराएं।
- अपने दिनचर्या में नियमित रूप से स्वस्थ्य एवं पौष्टिक भोजन का सेवन करें।
- पेयजल के रूप में ह्यूमिडिफायर के लिए साफ पानी या स्टेयरॉयल वाटर का इस्तेमाल करें।
- किसी भी प्रकार के एंटीबायोटिक अथवा एंटीफंगल इन दवाओं का प्रयोग चिकित्सक की सलाह लिए बिना कदापि ना करें।
इसे भी पढ़ें : Covid-19 के दौरान मरीज के लिए संतुलित आहार चार्ट
Q. Black fungal infection का क्या इलाज है? (What is the treatment for black fungal infection?)
- ब्लैक फंगल इन्फेक्शन के लक्षण जैसे नाक और आंख में दिक्कत, काली पपड़ी आदि दिखने पर एंटीफंगल थेरेपी से इसका इलाज किया जा सकता है।
Q. शरीर में ब्लैक फंगस कैसे प्रवेश करता है? (How does black fungus enter the body?)
- ब्लैक फंगस हवा में मौजूद होता है जो हमारे नाक से होते हुए बलगम में मिल जाता है और तेजी से फैलते हुए मस्तिष्क तक प्रवेश कर जाता है।
Q. क्या स्टेरॉयड भी ब्लैक फंगस का कारण हो सकता है? (Can steroids also cause black fungus?)
- हां, कम से कम 50 प्रतिशत मामलों में, स्टेरॉयड देने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन लोग घबरा रहे हैं। स्टेरॉयड के अति प्रयोग के कारण काला कवक हो सकता है।
Q. क्या कोरोना की पहली लहर में ब्लैक फंगस मामले सामने आए थे? (Did Black Fungus Cases Occur in the First Wave of Corona?)
- नहीं, पिछली लहर में ऐसा नहीं देखा गया, जितना इस बार देखा जा रहा है। कुछ रेटिना की समस्याएं थीं। बहुत बड़ा या फंगल संक्रमण नहीं था।
अस्वीकरण : यहां black fungus infection से संबंधित सभी जानकारियां शैक्षणिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए दी गई है। ब्लैक फंगस इंफेक्शन से संबंधित लक्षणों के आधार पर अधिक समस्या होने पर चिकित्सक की सलाह अवश्य लें क्योंकि हम इस जानकारी के लिए किसी भी प्रकार के जिम्मेदारी का दावा नहीं करते हैं।
दोस्तों हम आशा करते हैं कि आपको हमारी पोस्ट Black fungus infection की संपूर्ण जानकारी पसंद आई होगी क्योंकि यहां कोविड-19 से संक्रमित होने के दौरान अथवा उसके पश्चात होने वाले ब्लैक फंगस संक्रमण से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारियों से आपको अवगत करवाया गया है। ब्लैक फंगस इंफेक्शन से जुड़े black fungus latest news और black fungus symptoms के आधार पर यह कितना घातक हो सकता है इसकी संपूर्ण जानकारी भी यहां दी गई है। इसके अलावा ब्लैक फंगस इंफेक्शन से बचाव (black fungus prevention) के लिए घर पर जिन सावधानियों को बरतना बेहद आवश्यक है उसके बारे में संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाई गई है जिसके माध्यम से आप घर पर ही इससे बचाव कर सकते हैं, जो आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।




